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How did Nirav modi cheat?

CBI: how did Nirav modi cheat?

Bank officer: PNB

CBI: How much did he cheat?

B.O.: PNB

CBI: which bank was looted?

B.O: PNB

CBI: how did he run away with the looted money?

B.O.: PNB

CBI: what is PNB?

B.O: Pata Nahin Bhai.

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यांच्याकडून काय शिकलं पाहिजे?

प्रश्न – ललित मोदी, विजय मल्ल्या, निरव मोदी यांच्याकडून काय शिकलं पाहिजे?

उत्तर – कांड केल्यावर वकीलाकडे जाण्या ऐवजी ट्रॅव्हल एजंट कडे जा, नाहीतर भुजबळ होईल.

Put money in bank

Put money in bank – Nirav Modi will take it.

Put money in cricket – Lalit Modi will take it.

Keep Money at home Narendra Modi will take it.

What to do?

Udta Punjab

2016 – *Udta Punjab*

2018 – *Udta Punjab National Bank*

Propose day special

Propose day special

मुद्दतों के इन्तज़ार के बाद बडी हिम्मत से मैने उसे बताया,

मुझे *’आप ‘* पसंद हैं ।

.

वो बडी नासमझ निकली,

और बोली,

मुझे *’ भाजपा ‘* ।

Nirav Modi

Bank me paise rakkho toh “Nirav Modi” ka darr,

Aur IPL mein satta kare toh saala “Lalit Modi” ka Darr

Ghar pe paise rakkho toh “Narendra Modi” ka darr…

जो अमृत पीते हैं उन्हें देव कहते हैं

*जो अमृत पीते हैं उन्हें देव कहते हैं,*

*और जो विष पीते हैं उन्हें देवों के देव “महादेव” कहते हैं … !!!*

*♨ ॐ नमः शिवाय ♨*

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*भोलेनाथ आपकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण करे…..*

*⛳ॐ नमः शिवाय⛳*

*🙏 आप को और आप के परिवार को महाशिव रात्रि की हार्दिक हार्दिक बधाई एवं 🙏🏻शुभकामनाए🙏👏🙏

मैं शिव हूँ

विभत्स हूँ… विभोर हूँ…

मैं समाधी में ही चूर हूँ…

*मैं शिव हूँ।* *मैं शिव हूँ।* *मैं शिव हूँ।*

घनघोर अँधेरा ओढ़ के…

मैं जन जीवन से दूर हूँ…

श्मशान में हूँ नाचता…

मैं मृत्यु का ग़ुरूर हूँ…

*मैं शिव हूँ।* *मैं शिव हूँ।* *मैं शिव हूँ।*

साम – दाम तुम्हीं रखो…

मैं दंड में सम्पूर्ण हूँ…

*मैं शिव हूँ।* *मैं शिव हूँ।* *मैं शिव हूँ।*

चीर आया चरम में…

मार आया “मैं” को मैं…

“मैं” , “मैं” नहीं…

”मैं” भय नहीं…

*मैं शिव हूँ।* *मैं शिव हूँ।* *मैं शिव हूँ।*

जो सिर्फ तू है सोचता…

केवल वो मैं नहीं…

*मैं शिव हूँ।* *मैं शिव हूँ।* *मैं शिव हूँ।*

मैं काल का कपाल हूँ…

मैं मूल की चिंघाड़ हूँ…

मैं मग्न…मैं चिर मग्न हूँ…

मैं एकांत में उजाड़ हूँ…

*मैं शिव हूँ।* *मैं शिव हूँ।* *मैं शिव हूँ।*

मैं आग हूँ…

मैं राख हूँ…

मैं पवित्र राष हूँ…

मैं पंख हूँ…

मैं श्वाश हूँ…

मैं ही हाड़ माँस हूँ…

मैं ही आदि अनन्त हूँ…

*मैं शिव हूँ।* *मैं शिव हूँ।* *मैं शिव हूँ।*

मुझमें कोई छल नहीं…

तेरा कोई कल नहीं…

मौत के ही गर्भ में…ज़िंदगी के पास हूँ…

अंधकार का आकार हूँ…

प्रकाश का मैं प्रकार हूँ…

*मैं शिव हूँ।* *मैं शिव हूँ।* *मैं शिव हूँ।*

मैं कल नहीं मैं काल हूँ…

वैकुण्ठ या पाताल नहीं…

मैं मोक्ष का भी सार हूँ…

मैं पवित्र रोष हूँ…

मैं ही तो अघोर हूँ…

*मैं शिव हूँ।* *मैं शिव हूँ।* *मैं शिव हूँ।*

Mahashivratri blessings

Mahashivratri blessings to you and your family. May the almighty Lord Shiva & Parvati bless you all with good things, perfect love & health.

#mahashivratri #mahashivaratri #mahashivrati #mahashivarathri #mahashivratree #mahashivratri2018 #mahashivratri🙏

कैलासराणा शिवचंद्रमौळी

*|| कैलासराणा शिवचंद्रमौळी,*

*फणींद्रमाथा मुकूटी झळाळी,*

*कारुण्यसिंधू भवदुःख हारी,*

*तुझ वीण शंभो मज कोण तारी ||*

*ॐ नमः शिवाय*

” *महाशिवरात्रीच्या मनस्वी शुभेच्छा* “

*शुभ प्रभात*

१४ फेब्रुवारीची शाॅपींग करतोय

बायको : अहो तुम्ही कुठे आहात ?

नवरा : कुठे म्हणजे १४ फेब्रुवारीची शाॅपींग करतोय ना.

बायको : अय्या खरंच , मग माझ्यासाठी कायकाय घेतलंय

नवरा : साबुदाना आणि भगर!

महाशिवरात्रि नाही का ग

बातमीदार एका बेवडयाला विचारतो

बातमीदार एका बेवडयाला विचारतो, “डिजिटल इंडिया” ही संकल्पना यशस्वी होतीये का ?

बेवडा उत्तरला : जेव्हा मला AMAZON वर दारूची बाटली ऑर्डर करता येईल

आणि

OLX वर रिकामी बाटली विकता येईल तेव्हाच डिजिटल इंडिया संकल्पना यशस्वी झाली म्हणता येईल

झुकवूनि मस्तक तुझ्या पाऊली

*झुकवूनि मस्तक तुझ्या पाऊली*

*नाम घेतो तुझे गजानन माऊली*

*वरदहस्त लाभो तुझा सकलासी…*

*सुखे ठेवा सदैव आम्हा लेकरासी..*

*॥ॐगण गण गणांत बोते॥*

पद्मावती

पद्मावतीला तर एवढा त्रास मी पण दिला नव्हता – अल्लाउद्दीन खिलजी

बसंत पंचमी

[]◆बसंत पंचमी का महत्व◆[]

★विशेष रूप से सभी विद्यार्थयों को इस दिन माता सरस्वती जी की पूजा अर्चना अवश्य करनी चाहिए, कल बसंत पंचमी के पूरे दिन आप अपने किसी भी नए कार्य का आरम्भ कर सकते हैं ये एक स्वयं सिद्ध और श्रेष्ठ मुहूर्त होता।

★मित्रो, बसंत पंचमी भारतीय संस्कृति में एक बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला त्यौहार है, जिसमे हमारी परम्परा, भौगौलिक परिवर्तन, सामाजिककार्य तथा आध्यात्मिक पक्ष सभी का सम्मिश्रण है,

★भारतिय हिन्दू पंचांग के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है।

★वास्तव में भारतीय गणना के अनुसार वर्ष भर में पड़ने वाली छः ऋतुओं (बसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत, शिशिर) में बसंत को ऋतुराज अर्थात सभी ऋतुओं का राजा माना गया है, और बसंत पंचमी के दिन को बसंत ऋतु का आगमन माना जाता है, इसलिए बसंतपंचमी ऋतू परिवर्तन का दिन व मौसम का सिंधकाल भी है। ★इस दिन से प्राकृतिक का सौन्दर्य निखारना शुरू हो जाता है पेड़ों पर पुरानी जाकर, नयी पत्तिया कोपले और कालिया खिलना शुरू हो जाती हैं पूरी प्रकृति व सजीव प्राणी एक नवीन उत्साह व ऊर्जा से भर उठती है।

★इसके अलावा बसंत पंचमी को विशेष रूप से सरस्वती जयंती के रूप में मनाया जाता है, यह माता सरस्वती का प्राकट्योत्सव भी है, इस लिए इस दिन विशेष रूप से माता सरस्वती की पूजा उपासना कर उनसे विद्या बुद्धि प्राप्ति की कामना की जाती है।

इसी लिए विद्यार्थियों के लिए बसंत पंचमी का त्यौहार बहुत विशेष होता है,.बसंत पंचमी का त्यौहार बहुत ऊर्जामय ढंग से और विभिन्न प्रकार से पूरे भारत वर्ष में मनाया जाता है इस दिन पीले वस्त्र पहनने और खिचड़ी बनाने और बाटने की प्रथा भी प्रचलित है।

इस दिन बसंत ऋतु के आगमन होने से आकाश में हजारो रंगीन पतंगे उड़ने की परम्परा भी बहुत दीर्घकाल से प्रचलन में है। माता सरस्वती जी रथयात्रा भी सुरजकुंड मंदिर से निकाली जाती है।

★इसके अलावा बसंत पंचमी के दिन का एक और विशेष महत्व भी है बसंत पंचमी को मुहूर्तशास्त्र के अनुसार एक स्वयं सिद्ध मुहूर्त और अनसूझ साया भी माना गया है, इस दिन कोई भी शुभ मंगल कार्य करने के लिए पंचांग शुद्धि की आवश्यकता नहीं होती, बस राहू काल में शुभ कार्य न करें, इस दिन नींव पूजन, गृह प्रवेश, वाहन खरीदना, व्यापार आरम्भ करना, सगाई और विवाह आदि मंगल कार्य किये जा सकते हैं।

■आप मिठ्ठे पीले चावल व पुलाव खाये खिलाये, भगवान का भोग भी जरूर लगाये, भाव में ही ईश्वर बसते है, सभी को डॉ दिपक सिंह की तरफ से माता सरस्वती उत्पन्न दिवस और बसंतपंचमी की शुभ व मंगलमय कामनाये ।

वर दे वीणावादिनी वर दे

*वर दे वीणावादिनी वर दे ,

प्रिय स्वतंत्र रव अमिय मन्त्र नव भारत में भर दे*……….

*वीणावादिनी वर दे…..

विद्या, वाणी और संगीत की देवी माँ सरस्वती के जन्मदिवस *’वसन्त पंचमी’* पर हार्दिक शुभकामनाएं…..

सरस्वती वंदना

!! सरस्वती वंदना !!

हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी

अम्ब विमल मति दे , अम्ब विमल मति दे ……….

जग सिर मौर बनाएँ भारत

वह बल विक्रम दे ,  अम्ब  विमल  मति  दे ………..

साहस शील ह्रदय में भर दे ,

जीवन त्याग तपोमय कर दे

संयम सत्य स्नेह का वर दे , स्वाभिमान भर दे

हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी ,

अम्ब विमल मति दे , अम्ब विमल मति दे ……….

लव-कुश ,  ध्रुव  प्रहलाद  बने ,

हम मानवता का त्राश हरे हम ,

सीता सावित्री दुर्गा माँ फिर घर-घर भर दे

हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी ,

अम्ब विमल मति दे , अम्ब विमल मति दे ………..

सुख एवं समृद्धि का बसंत आपके जीवन में सदैव बना रहे!

*बसंत पंचमी* की हार्दिक शुभकामनाएं

सु-प्रभात

जय श्री राम

माझं काय चुकलं?

*माझं काय चुकलं?*

(गैरसमज)

बायको च्या मैत्रिणीने तिळगुळ म्हणून काटेरी हलवा दिला आणि म्हणाली “तिळगुळ घ्या गोडगोड बोला….”

मी विचारलं : फक्त ह्यानेच तोंड गोड करणार का? …..

.

तर ती चक्क “इश्श, काहीतरीच काय!” असे म्हणून लाजून निघुन गेली आणि

बायको कडाडली

“मी काय मेले का बाहेर जाऊन तोंड गाेड करायला सांगताय ते?”

.

.

.

..

आता मला कळत नाही,

जर मला *तिळाचा लाडू* पाहिजे होता… तर तिला लाजायला आणि हिला तडकायला काय झाले?

श्री गणेशाच्या कृपा आशिर्वादाने

श्री गणेशाच्या कृपा आशिर्वादाने आजच्या ह्या मंगलदिनी आपल्या मनातील इच्छित मनोकामना श्री पूर्ण करोत, हिच प्रार्थना.

*वक्रतुंड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ*

*।। निर्विघ्नं कुरुमेदेव,सर्वकार्येषु सर्वदा ।।*

।। ॐ गं गणपतये नमः ।।

*!! गणपती बाप्पा मोरया, मंगलमूर्ती मोरया !!*

*शुभ प्रभात*

सुंदर दिवसाच्या सुंदर शुभेच्छा

हसू नका पुढे share करा

रिकाम्या जगी (हो/नाही )भरा!

1)………. मी मानव नाही. माकड आहे. (हो/नाही ).

2)…….. मी वेडा आहे. (हो/नाही).

3)………….माझ्या डोक्याचा काहीच उपयोग नाही (हो/नाही).

4)………….मला पागलखान्यात जायचय. (हो/नाही)

चांगलीच फसवणूक झाली ना राव तुमची तुम्ही पण फसवा आपल्या मित्राला

हसू नका पुढे share करा

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