ओबामा का सऊदी अरब दौरा

भारत के 3 दिन के दौरे के बाद ओबामा अंत में सऊदी अरब चले गए।
दूसरे शब्दों में…
“ओबामा गया तेल लेने”।

Typical Conference Calls In Corporates

Typical Conf. Calls In Corporates:
Caller1: Hi, this is Dheeraj from Sales.
* Silence * All waiting others to Join*
Caller2: Hi, this is Ajay from Marketing.
* Silence * All waiting others to Join*
Caller3: Hi, its Shyam from Finance.
* Silence * All waiting others to Join*
Caller4: Hello, Kuldeep from Administration.
* Silence * All waiting others to Join*
Caller5: Hi, this is Neha from HR.
All:
Hi Neha,
Hi Neha
Hello Neha
Hi Neha

एका विद्यार्थ्याच्या आयुष्यातील सर्वात महत्वाचा सन

एका विद्यार्थ्याच्या आयुष्यातील सर्वात महत्वाचा सन….
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परीक्षा…..
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दिवे पण लागतात..!
फटाके पण फुटतात..!!
Band पण वाजतो..!!!
आणि
घरचे आरती पण ओवाळतात..!!!!

क्रिकेट वर्ल्ड कप सुरु होत आहे

प्रिय पत्नीस,
फेब्रुवारी पासुन क्रिकेट वर्ल्ड कप सुरु होत आहे,
म्हणून तुझ्यासाठी काही नियम :

१. वर्ल्डकप पासुन रिमोट आणि टी.व्ही पुर्णपणे माझा

२.तुझ्या सगळ्या मित्र-मैत्रीणी, नातेवाईक यांना सांगुन ठेव वर्ल्डकप संपेपर्यंत कुणीही लग्न करायचे नाही, पुजा, प्राेग्राम काढायचा नाही की मरायचं पण नाही, मी कुठेच जाणार नाही.

३. मध्ये मध्ये फालतु प्रश्न विचारायचे नाही.

४. त्याच्या पायाला बॉल लागला मग तो आऊट कसा?

५. हा कोणत्या देशातला? ते कुठे आले? मला माहीत नाही, लहानपणी भुगोलाचा अभ्यास करायचा होता.

६. हा ‘खान’ कोणता आपला की पाकीस्तानचा ? असा भलताच प्रश्न विचारायचा नाही, कपडयांवरुन बघत जा.

७. मी टि.व्ही.समोर असतांता गुडघ्यावर रांगत जा.

८. हा तर ‘कोड’ पडल्यासारखा पांढरा दिसतोय ?  “ईईई हा किती काळा” असे मध्येच किंचाळायचे नाही, तुझ्या बापापेक्षा बरे दिसतात सगळे.

९. हि क्रिकेट मँच आहे ईथे त्या फडतूस सूनेसारखे दर दोन दिवसांनी वेगळे नवीन नवरे येत नाही, नवऱ्यांनी टाकलेल्या सहा सहा रिकामटेकड्या बायका नाहीत, एका बरोबर प्रेम करुन दुसऱ्या बरोबर लग्न करणाऱ्या चालु आयटम ईथे नाही, म्हातारपणी भडक मेक-अप करुन खी खी करणारी सासु ईथे नाही.तरी मला हा खेळ पाहायला आवडतो बस्स!

(वर्ल्डकप संपल्यानंतर)
तुझा नवरा.

गुळातील गोडवा ओठावर येऊ द्या

गुळातील गोडवा ओठावर येऊ द्या..
मनातील कडवापणा बाहेर पडूद्या…
या संक्रांतीला तीळगुळ
खाताना आमची आठवण राहू द्या….
मकर संक्रांतीच्या हार्दीक शुभेच्छा

मकर संक्रांतीच्या हार्दिक शुभेच्छा

म…… मराठमोळा सण
क…… कणखर बाणा
र …… रंगीबिरंगी तिळगुळ
सं…… संगीतमय वातावरण
क्रा…… क्रांतीची मशाल…
त …… तळपणारे तेज
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मकर संक्रांतीच्या हार्दिक शुभेच्छा
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आपसी विश्वास

=आपसी विश्वास=

संत कबीर रोज सत्संग किया करते थे। दूर-दूर से लोग उनकी बात सुनने आते थे। एक दिन सत्संग खत्म होने पर भी एक आदमी बैठा ही रहा। कबीर ने इसका कारण पूछा तो वह बोला, ‘मुझे आपसे कुछ पूछना है। मैं गृहस्थ हूं, घर में सभी लोगों से मेरा झगड़ा होता रहता है। मैं जानना चाहता हूं कि मेरे यहां गृह क्लेश क्यों होता है और वह कैसे दूर हो सकता है?’

कबीर थोड़ी देर चुप रहे, फिर उन्होंने अपनी पत्नी से कहा, ‘लालटेन जलाकर लाओ’। कबीर की पत्नी लालटेन जलाकर ले आई। वह आदमी भौंचक देखता रहा। सोचने लगा इतनी दोपहर में कबीर ने लालटेन क्यों मंगाई। थोड़ी देर बाद कबीर बोले, ‘कुछ मीठा दे जाना।’ इस बार उनकी पत्नी मीठे के बजाय नमकीन देकर चली गई। उस आदमी ने सोचा कि यह तो शायद पागलों का घर है। मीठा के बदले नमकीन, दिन में लालटेन। वह बोला, ‘कबीर जी मैं चलता हूं।’

कबीर ने पूछा, ‘आपको अपनी समस्या का समाधान मिला या अभी कुछ संशय बाकी है?’ वह व्यक्ति बोला, ‘मेरी समझ में कुछ नहीं आया।’ कबीर ने कहा, ‘जैसे मैंने लालटेन मंगवाई तो मेरी घरवाली कह सकती थी कि तुम क्या सठिया गए हो। इतनी दोपहर में लालटेन की क्या जरूरत। लेकिन नहीं, उसने सोचा कि जरूर किसी काम के लिए लालटेन मंगवाई होगी। मीठा मंगवाया तो नमकीन देकर चली गई। हो सकता है घर में कोई मीठी वस्तु न हो। यह सोचकर मैं चुप रहा। इसमें तकरार क्या? आपसी विश्वास बढ़ाने और तकरार में न फंसने से विषम परिस्थिति अपने आप दूर हो गई।’ उस आदमी को हैरानी हुई। वह समझ गया कि कबीर ने यह सब उसे बताने के लिए किया था। कबीर ने फिर कहा,’ गृहस्थी में आपसी विश्वास से ही तालमेल बनता है। आदमी से गलती हो तो औरत संभाल ले और औरत से कोई त्रुटि हो जाए तो पति उसे नजरअंदाज कर दे। यही गृहस्थी का मूल मंत्र है।’

आठवण सुर्याची

आठवण सुर्याची,                  
साटवण स्नेहाची,
कणभर तीळ,      
मनभर प्रेम,
गुळाचा गोडवा,
ॠणानुबंध वाढवा,
तिळगुळ घ्या गोडगोड बोला,
मकर संक्रातीच्या
हार्दिक शुभेच्या..

नफरतों के बाजार में जीने का अलग ही मजा है

नफरतों के बाजार में जीने का अलग ही मजा है.!.
लोग “रूलाना” नहीं छोडते,
और हम “हसना” नहीं छोडते..!!..
“हमने अपने नसीब से ज्यादा अपने दोस्तो पर भरोसा रखा है.
क्युंकि
नसीब तो बहुत बार बदला है,
लेकिन मेरे दोस्त अभी भी वही है!”

Once a British asked Swami Vivekanand

Once a British asked Swami Vivekanand…”Why can’t you wear proper clothes to look like a gentleman.

Swami Vivekanand smiled & said: In your culture, a tailor makes a gentleman; but, in our culture, character makes gentleman..

आम्ही नेहमीच गोड बोलतो

Advance warning!
पुणेकर –
आम्ही नेहमीच गोड बोलतो त्यामुळे उगीच संक्रांतीचे मेसेज, तिळगुळाचेफोटो वगैरे व्हॉट्स ऍप वर पोस्ट करू नये… अगदीच वाटल्यास प्रत्यक्ष भेटून (दुपारी1 ते 4सोडून) तिळगुळ द्यायला हरकत नाही!…

I wish

I wish:
Sweetness in Ur speech;
Peace in Ur mind;
Love in Ur heart;
Strength in Ur hands;
And victory at all times.
GOOD MORNING

What Is That Bright Light?

What Is That Bright Light?
From Where Does This Fragrance Coming?
This Gentle Breeze,
Cool Air Hearty Music,
Oh! Its Sankranthi,
Wish You A Very Happy Makar Sankranti.

May The Sun God Shower His WARMTH

May The Sun God Shower His WARMTH
On This Happy Day Of PONGAL
May The SUGARCANE Offer Its SWEETNESS
On This Joyous Day Of PONGAL.

Bande Hain Hum India Ke

Bande Hain Hum India Ke
Hum Pe Kiska Zorrrr,
Uttarayan Mein Udae
Patang Chaaro Ore,
Lunch Mein Khaye Undhiya
Aur Jalebi Gol Gol,
Apna Manjha Khud Banvane
Aaj Chale Hain Hum!
Happy Uttarayan
Happy Makar Sankranti

With Great Devotion

With Great Devotion,
Fervor and Gaiety,
With Rays of Joy and Hope,
Wish You and Your Family,
HAPPY MAKAR SANKRANTI..

सुन्दर कविता जिसके अर्थ काफी गहरे हैं

सुन्दर कविता जिसके अर्थ काफी गहरे हैं……..

मैंने .. हर रोज .. जमाने को .. रंग बदलते देखा है ….
उम्र के साथ .. जिंदगी को .. ढंग बदलते देखा है .. !!

वो .. जो चलते थे .. तो शेर के चलने का .. होता था गुमान..
उनको भी .. पाँव उठाने के लिए .. सहारे को तरसते देखा है !!

जिनकी .. नजरों की .. चमक देख .. सहम जाते थे लोग ..
उन्ही .. नजरों को .. बरसात .. की तरह ~~ रोते देखा है .. !!

जिनके .. हाथों के .. जरा से .. इशारे से .. टूट जाते थे ..पत्थर ..
उन्ही .. हाथों को .. पत्तों की तरह .. थर थर काँपते देखा है .. !!

जिनकी आवाज़ से कभी .. बिजली के कड़कने का .. होता था भरम ..
उनके .. होठों पर भी .. जबरन .. चुप्पी का ताला .. लगा देखा है .. !!

ये जवानी .. ये ताकत .. ये दौलत ~~ सब कुदरत की .. इनायत है ..
इनके .. रहते हुए भी .. इंसान को ~~ बेजान हुआ देखा है … !!

अपने .. आज पर .. इतना ना .. इतराना ~~ मेरे .. यारों ..
वक्त की धारा में .. अच्छे अच्छों को ~~ मजबूर हुआ देखा है .. !!!

कर सको……तो किसी को खुश करो……दुःख देते ……..तो हजारों को देखा है..

फार फार वर्षांपूर्वीची गोष्ट आहे

फार फार वर्षांपूर्वीची गोष्ट आहे.
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त्यामुळे काही आठवत नाही.

Mila Ke Gud Me  TIL

Tyohar Nahi Hota Apna Paraya,
Tyohar Hai Wahi Jise Sabne Manaya,
To Mila Ke Gud Me TIL,
PATANG Sang Ud Jane Do DIL.
HAPPY MAKAR SANKRANTI.

MAKAR SANKRANT

Ye Saal Ki “MAKAR SANKRANT”
Apke Liye Til-gul Jaisi Mithi
Aur ‘Patang’ Jaisi Unchi Udan Laye
HAPPY SANKRANTi.

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