Advertisements

कपडे झाले छोटे

👗 कपडे झाले छोटे,
🙈 लाज कुठुन येणार,
🌾 धान्य झाले हाईब्रेड,
💪 ताकद कुठुन येणार,
🌸 फुल झाली प्लास्टिकची,
😌 सुगंध कुठून येणार,
👩 चेहरा झाला मेक अपचा,
👸 रुप कुठून येणार,
👨 शिक्षक झाले टुयशनचे,
📚 विद्या कुठुन येणार,
🍱 भोजन झाले हाँटेलचे,
✊ तंदुरुस्ती कुठून येणार,
👻 प्रोग्राम झाले केबलचे,
😇 संस्कार कुठून येणार,
💴 माणसे झाली पैशाची,
🙏 दया कुठुन येणार,
🏭 धंदे झाले हायफाय,
🏢 बरकत कुठुन येणार,
😋 भक्ति करणारे झाले स्वार्थी,
👤 भगवंत कुठून येणार,
👫 मित्र झाले वॉट्सअपचे,
💃🏃 भेटायला कुठून येणार

Advertisements

नफरतों के बाजार में जीने का अलग ही मजा है

नफरतों के बाजार में जीने का अलग ही मजा है.!.
लोग “रूलाना” नहीं छोडते,
और हम “हसना” नहीं छोडते..!!..
“हमने अपने नसीब से ज्यादा अपने दोस्तो पर भरोसा रखा है.
क्युंकि
नसीब तो बहुत बार बदला है,
लेकिन मेरे दोस्त अभी भी वही है!”

मेरी मोहब्बत

ऊस मकाम पर खडी है मेरी मोहब्बत देखो,

जहां से ना ही मंजिल दिखाई देती है ना लौटने का रास्ता ।

आईना कुछ ऐसा बना दे

आईना कुछ ऐसा बना दे
ए खुदा ,
जो चेहरा नहीं
नीयत दिखा दे

विचित्र दुनिया का कठोर सत्य

विचित्र दुनिया का कठोर सत्य..
बारात मे दुल्हे को
सबसे पीछे और
दुनिया आगे चलती है,
स्मशान यात्रा मे
व्यक्ति को आगे
और दुनिया पीछे चलती है..
इस का मतलब
दुनिया खुशी मे आगे और दुख मे पीछे
हो जाती है..!

जब बचपन था, तो जवानी एक ड्रीम था

जब  बचपन  था,  तो  जवानी  एक  ड्रीम  था…
जब  जवान  हुए,  तो  बचपन  एक  ज़माना  था…

जब  घर  में  रहते  थे,  आज़ादी  अच्छी  लगती  थी…
आज  आज़ादी  है,  फिर  भी  घर  जाने  की   जल्दी  रहती  है…

कभी  होटल  में  जाना  पिज़्ज़ा,  बर्गर  खाना  पसंद  था…
आज  घर  पर  आना  और  माँ  के  हाथ  का  खाना  पसंद  है…

स्कूल  में  जिनके  साथ  ज़गड़ते  थे,
आज  उनको  ही  इंटरनेट  पे  तलाशते  है…

ख़ुशी  किसमे  होतीं है,  ये  पता  अब  चला  है…
बचपन  क्या  था,  इसका  एहसास  अब  हुआ  है…

काश  बदल  सकते  हम  ज़िंदगी  के  कुछ  साल…
काश  जी  सकते  हम,  ज़िंदगी  फिर  एक  बार…!!

इन हसरतों को

इन हसरतों को इतना भी कैद में ना रख ए-जिंदगी,
ये दिल भी थक चुका है, इनकी जमानत कराते कराते ।

Duniya me har marz ki dava nai hoti

Duniya me har marz ki dava nai hoti
Apne dard de isse badi saja nai hoti.

नींद और मौत में क्या फर्क है?

नींद और मौत में क्या फर्क है?
किसी ने क्या खूबसूरत जवाब दिया है….
“नींद आधी मौत है”
और
“मौत मुकम्मल नींद है”
जिंदगी तो अपने ही तरीके से चलती है….
औरों के सहारे तो जनाज़े उठा करते हैं।
सुबहे होती है , शाम होती है
उम्र यू ही तमाम होती है ।
कोई रो कर दिल बहलाता है
और कोई हँस कर दर्द छुपाता है.
क्या करामात है कुदरत की,
ज़िंदा इंसान पानी में डूब जाता है
और मुर्दा तैर के दिखाता है…
बस के कंडक्टर सी हो गयी है जिंदगी यारो।
सफ़र भी रोज़ का है और जाना भी कही नहीं।.

People don’t always need advice

People don’t always need advice.
All they really need is a hand to hold, an ear to listen and a heart to understand them.

Mat pucho mujse k mera KAROBAR kya he?

Mat pucho mujse k mera KAROBAR kya he?….
HUM to MOHABBAT bechte hai, NAFRAT ke BAZAR me…

Kasoor na unka hai na mera

Kasoor na unka hai na mera,
hum dono hi rishton ki rasmein nibhate rahe,
woh dosti ka ehsaas jatate rahe,
hum mohabbat ko dil mein chupate rahe.

Koi kah de gamo ko

Koi kah de gamo ko
baandh le ab saman apna.

Bahot din ka ruka mehman bhi
achcha nahi lagta.

रफ़्तार कुछ इस कदर तेज है जिन्दगी की

रफ़्तार कुछ इस कदर तेज है जिन्दगी की.
की सुबह का दर्द शाम को, पुराना हो जाता है.

True Word

True-Word-
Agar Kisiko Apna Kaho To Hmesa Uske Dil Ke Karib Rho
Or
Apne Pyar Ka Ehsaas Dilao.

Varna Waqt USE Apke Bina Jina Sikha Dega…..

Luvly_night..

My life

My life.
My choices.
My problems.
My mistakes.
My lessons.
Not your business,
Mind your own problems before you talk about mine.

I deleted one of my friend’s number

A touching msg..

I deleted one of my friend’s number From my phonebook
Because of certain misundrstndings between us..

Today I receivd a friendship message from an unknown number
I replied ‘WHO are you”?

The reply made me cry..

“Idiot don’t you even know the spelling of ‘HOW’..?
I am fine yaar..”

मित्र मोठे होऊ लागलेत

मित्र मोठे होऊ लागलेत,
आणि थोडा दुरावा जाणवायला लागलाय……….

कामाच्या SMS शिवाय,
एकही विनोदी SMS येत नाही.
मित्रांच्या Callसाठी आता,
मिटींगही मोडता येत नाही.
बहुतेक कामाचा व्यापच आता,
सर्व जागा व्यापायला लागलाय.

मित्र मोठे होऊ लागलेत,
आणि थोडा दुरावा जाणवायला लागलाय……….

फालतू विनोदावरही हसण्याची
सवय आता मोडायला लागलीय.
चेष्टेने केलेली चेष्टाही आजकाल,
भुरटेगिरी वाटायला लागलीय.
आणि वाटतय की आता,
धिंगाणाही कमी होऊ लागलाय.

मित्र मोठे होऊ लागलेत,
आणि थोडा दुरावा जाणवायला लागलाय……….

पुर्वी वेळ सर्वांसाठी असायचा,
आता स्वता साठीच वेळ वाढायला लागलाय.
पझेशनचा वेळ येईल तसा,
रूम मधला कालवा दडायला लागलाय.
ट्रिपचा रविवार आता,
नविन जोडीदार पाहण्यात जाऊ लागलाय.

मित्र मोठे होऊ लागलेत,
आणि थोडा दुरावा जाणवायला लागलाय……….

मान्य आहे स्वतासाठीही,
जीवन जगायचं असतं,
मग त्यासाठी कुणाला,
खरच का दुखवायचं असतं?n
पण हे मात्र खरं आहे की,
मित्राबरोबर मैत्रीचा अभिमानही वाढु लागलाय.

मित्र मोठे होऊ लागलेत,
आणि थोडा दुरावा जाणवायला लागलाय……….

Gila unse nahi koi

Gila unse nahi koi,
gila apni majburiyon se karte hai,
wo aaj hamare kareeb nahi to kya,
mohabbat aaj bhi unki duriyo se karte hai.

Dedicated to all Males who are married

Dedicated to all Males who are married:
Keh Do Samunder Se Mujhe Jarurat Nahi Un Lehro Ki.
Bas Ek biwi Hi Kafi Hai Zindagi Me Toofan Lane Ke Liye.

Previous Older Entries

Archives

%d bloggers like this: